दीनदयाल उपाध्याय होने का मतलब

  • डा. अतुल कुमार सिंह विनोवा नगर, गांधीग्राम, कानपुर नगर

Abstract

राजनीति में विचारों के लिए सिकुड़ती जगह के बीच पं. दीनदयाल उपाध्याय का नाम एक ज्योतिपुंज की तरह सामने आता है। अब जबकि उनकी विचारों की सरकार पूर्ण बहुमत से दिल्ली की सत्ता में स्थान पा चुकी है, तब यह जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर दीनदयाल उपाध्याय की विचारयात्रा में ऐसा क्या है जो उन्हें उनके विरोधियों के बीच भी आदर का पात्र बनाता है।


दीनदयाल जी सिर्फ एक राजनेता नहीं थें, वे एक पत्रकार, लेखक, संगठनकर्ता, वैचारिक चेतना से लैस एक सजग इतिहासकार, अर्थशास्त्री और भाषाविद् भी थे। उनके चिंतन, मनन और अनुशीलन ने देश को ‘एकात्म मानवदर्शन’ जैसा एक नवीन भारतीय विचार दिया।


मुख्य शब्द: इतिहासकार, अर्थशास्त्री, भाषाविद, दीनदयाल उपाध्याय।


 

Published
2018-04-24
How to Cite
सिंह, डा. अतुल कुमार. दीनदयाल उपाध्याय होने का मतलब. एकात्म (Ekatm), [S.l.], v. 1, n. 1, p. 35-50, apr. 2018. Available at: <http://management.nrjp.co.in/index.php/Ekatm/article/view/162>. Date accessed: 24 feb. 2020.
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